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Sunday, February 2, 2020

रोटरी इंटरनेशनल डिस्ट्रिक्ट 3011 में विनोद बंसल तथा विनय भाटिया के सारा श्रेय खुद लेने के रवैये को देखते/पहचानते हुए डिस्ट्रिक्ट के लोग रोटरी इंडिया सेन्टेंनियल समिट के लिए ज्यादा कुछ करने के लिए उत्साहित नहीं हो रहे हैं, और इस कारण से डिस्ट्रिक्ट के लिए अपनी पहचान व अहमियत 'दिखाने' का मौका खोता हुआ सा नजर आ रहा है

नई दिल्ली । कोलकाता में होने जा रही रोटरी इंडिया सेन्टेंनियल समिट के लिए डिस्ट्रिक्ट 3011 के रोटेरियंस के बीच जो जबर्दस्त उत्साह है - जिसके चलते समिट में भागीदारी करने के लिए डेढ़ सौ से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हुए हैं, उस पर डिस्ट्रिक्ट के पूर्व गवर्नर्स - विनोद बंसल तथा विनय भाटिया की सारा श्रेय खुद लेने के रवैये ने पानी फेरा हुआ है । उल्लेखनीय है कि विनोद बंसल समिट की तैयारी समिति के प्रेसीडेंट हैं तथा विनय भाटिया ट्रेजरर हैं । सेन्टेंनियल समिट के प्रमोशन के लिए पूर्व गवर्नर सुधीर मंगला को डिस्ट्रिक्ट की प्रमोशन कमेटी का चेयरमैन बनाया गया है, और पूर्व प्रेसीडेंट आभा चौधरी को-चेयरपरसन हैं । समिट के लिए रजिस्ट्रेशन करवाने के वास्ते डिस्ट्रिक्ट के रोटेरियंस को प्रेरित करने के लिए डिस्ट्रिक्ट के कई सक्रिय पदाधिकारियों ने अपने अपने तरीके से काम किया है, लेकिन विनोद बंसल और विनय भाटिया ने जिस तरह से सारा श्रेय खुद लेने का प्रयास किया है, उसे देखते/पहचानते हुए दूसरे पदाधिकारियों का और कुछ करने को लेकर उत्साह ढीला पड़ रहा है । उनका कहना है कि कोलकाता में होने वाली समिट में डिस्ट्रिक्ट 3011 के लोगों की अच्छी-खासी उपस्थिति होगी, जिसे 'दिखाने' के जरिये डिस्ट्रिक्ट की एक अलग पहचान बनाने को लेकर उनके पास कुछ योजनाएँ हैं, जिन्हें आसानी से पूरा भी किया जा सकता है - लेकिन ज्यादा कुछ करने का उनका मन इसलिए नहीं हो रहा है कि काम तो वह करेंगे, और उसका श्रेय विनोद बंसल लूट लेंगे - कोलकाता में होने वाले समिट में जुटे रोटरी के आम और खास लोगों को विनोद बंसल बतायेंगे कि देखिये, यह सब मैंने करवाया है ।
मजे की बात यह है कि विनोद बंसल के खुद श्रेय लेने के रवैये की (कु)ख्याति उनके अपने डिस्ट्रिक्ट में ही नहीं, बल्कि दूसरे डिस्ट्रिक्ट्स के पदाधिकारियों के बीच भी है - और इसी के चलते, रोटरी इंडिया सेन्टेंनियल समिट के प्रमोशन के लिए नौ डिस्ट्रिक्ट्स के प्रमोशन कमेटी के पदाधिकारियों की रोटरी इंटरनेशनल के नई दिल्ली स्थित साउथ एशिया ऑफिस में विनोद बंसल द्वारा बुलाई गई मीटिंग कई डिस्ट्रिक्ट्स के पदाधिकारी पहुँचे ही नहीं । उनका कहना रहा कि विनोद बंसल रोटरी के काम के बहाने से लोगों से मिलते-जुलते हैं और मीटिंग बुलाते/करते हैं, लेकिन रोटरी के काम की बातें कम करते हैं और अपनी राजनीति की बातें ज्यादा करते हैं । इसीलिए उक्त मीटिंग में जाना उन्होंने जरूरी नहीं समझा । विडंबना की बात यह रही कि जो लोग उक्त मीटिंग में पहुँचे, उन्होंने विनोद बंसल से सेन्टेंनियल समिट की तैयारी के बारे में कम सुना और उनकी राजनीति के बारे में ज्यादा सुना । विनोद बंसल के विभिन्न मौकों पर तरह तरह से दिखाए जाने वाले इसी रवैये का नतीजा था कि इंटरनेशनल प्रेसीडेंट नॉमिनी शेखर मेहता के सम्मान में हुए डिस्ट्रिक्ट समारोह में चेयरमैन होने के बावजूद विनोद बंसल को अलग-थलग रखा गया, जिससे नाराज होकर समारोह से संबद्ध एक मीटिंग में विनोद बंसल के लिए 'ऑय एम् नॉट इंटरेस्टिंग' कहते हुए बहिष्कार करने तक की नौबत आई ।
दूसरों के कामों का श्रेय हड़पने में विनय भाटिया का मामला 'बड़े मियाँ तो बड़े मियाँ, छोटे मियाँ सुभानअल्लाह' वाला है । विनय भाटिया को विनोद बंसल के चेले के रूप में देखा/पहचाना जाता है । विनय भाटिया को गवर्नर बनवाने में हुई बेईमानी में सक्रियता दिखा कर विनोद बंसल ने रोटरी इंटरनेशनल बोर्ड से 'चुनावी अपराधी' के रूप में चिन्हित होने का तमगा तक पाया है । रोटरी इंडिया सेन्टेंनियल समिट की तैयारी कमेटी में ट्रेजरर का पद विनय भाटिया को विनोद बंसल के कारण ही मिला है । रोटरी इंडिया सेन्टेंनियल समिट में रजिस्ट्रेशन के मामले में श्रेय लेने की कोशिश के चलते विनय भाटिया को उस समय भारी फजीहत का सामना करना पड़ा, जब बड़ी संख्या में रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए विनय भाटिया अपनी पीठ थपथपा/थपथपवा रहे थे, लेकिन पोल खुली कि उस समय तक फरीदबाद से कुल चार रजिस्ट्रेशन ही हुए हैं । उसके बाद फरीदाबाद से जो रजिस्ट्रेशन हुए हैं, उनमें भी विनय भाटिया की बजाये दूसरे पदाधिकारियों की ज्यादा मेहनत लगी है । विनय भाटिया के अपने क्लब में जो रजिस्ट्रशन हुए हैं, उन्हें क्लब के वरिष्ठ सदस्य संदीप गोयल के प्रयासों के नतीजे के रूप में देखा/जाना गया है; संदीप गोयल को श्रेय देने की बजाये विनय भाटिया ने खुद श्रेय लेने का जो प्रयास किया है, उसके चलते क्लब में बबाल मचा हुआ है । विनय भाटिया और विनोद बंसल के इस रवैये को देखते/पहचानते हुए डिस्ट्रिक्ट के लोग रोटरी इंडिया सेन्टेंनियल समिट के लिए ज्यादा कुछ करने के लिए उत्साहित नहीं हो रहे हैं, जिस कारण से डिस्ट्रिक्ट के लिए अपनी पहचान व अहमियत 'दिखाने' का मौका खोता हुआ सा नजर आ रहा है ।

Sunday, October 16, 2016

रोटरी इंटरनेशनल डिस्ट्रिक्ट 3011 में अपनी फजीहत का बदला लेने के लिए डिस्ट्रिक्ट गवर्नर नॉमिनी विनय भाटिया ने अपने ही क्लब में अध्यक्ष अनिल मग्गू के खिलाफ बबाल करवाया

नई दिल्ली । डिस्ट्रिक्ट गवर्नर नॉमिनी विनय भाटिया अपने ही क्लब - रोटरी क्लब फरीदाबाद एनआईटी के अध्यक्ष अनिल मग्गू के खिलाफ षड्यंत्र करने/रचने तथा उन्हें अध्यक्ष पद से हटवाने की मुहिम चलवाने के आरोपों में 'पकड़े' गए हैं - और इस पकड़ से छूटने के चक्कर में उन्हें अपने ही क्लब के सदस्यों से बचना/छिपना पड़ रहा है । उनके इस रवैये से क्लब में घमासान और बढ़ गया है । रोटरी क्लब फरीदाबाद एनआईटी के कुछेक सदस्य पिछले करीब पंद्रह दिन से क्लब के सदस्यों के बीच तथा सोशल मीडिया पर क्लब के अध्यक्ष अनिल मग्गू के खिलाफ इस बात को लेकर अभियान चलाए हुए हैं कि उन्होंने अध्यक्ष पद से जब इस्तीफ़ा दे दिया है, तब फिर वह अध्यक्ष के रूप में काम/व्यवहार क्यों कर रहे हैं ? अनिल मग्गू की तरफ से भी इस अभियान का जोरदार जबाव दिया जा रहा है, और चुनौती दी जा रही है कि जिन लोगों को लगता है कि अनिल मग्गू अब क्लब के अध्यक्ष नहीं हैं - वह हिम्मत दिखाएँ और क्लब का नया अध्यक्ष चुन/चुनवा लें, फालतू की बयानबाजी क्यों कर रहे हैं ? दोनों तरफ की बयानबाजियों में क्लब की गतिविधियों के गड़े मुर्दे उखाड़े जा रहे हैं, और एक दूसरे की पोल-पट्टी खोली जा रही है । इस सीन में लेकिन असली पोल-पट्टी विनय भाटिया की खुल रही है - जो इस क्लब के एक प्रमुख सदस्य होने के साथ-साथ डिस्ट्रिक्ट गवर्नर नॉमिनी भी हैं । क्लब में मचे घमासान से दुखी क्लब के सदस्यों का कहना है कि डिस्ट्रिक्ट का लीडर होने जा रहे विनय भाटिया के सामने जब क्लब में अपनी लीडरशिप क्षमता दिखाने का मौका आया है, तो वह मुँह छिपाते फिर रहे हैं; इससे समझा जा सकता है कि डिस्ट्रिक्ट में वह क्या करेंगे ?
विनय भाटिया पर इससे भी गंभीर आरोप यह है कि क्लब में मचे इस घमासान की जमीन उन्होंने ही तो तैयार की, और फिर उसे हवा भी दी - घमासान लेकिन चूँकि उनकी योजनानुसार नहीं चला, तो अब वह इससे मुँह चुरा रहे हैं । मामला रोटरी क्लब दिल्ली साऊथ वेस्ट के एक कार्यक्रम में विनय भाटिया के क्लब के को-होस्ट बनने को लेकर था । साऊथ वेस्ट के पदाधिकारियों ने इसके लिए विनय भाटिया से संपर्क किया था । विनय भाटिया की एक बड़ी खूबी यह बताई जाती है कि उनसे किसी काम के लिए कहो, तो वह कभी भी मना नहीं करेंगे; लेकिन उस काम की जिम्मेदारी तुरंत किसी दूसरे के सिर मढ़ देंगे - काम हो जायेगा, तो अपनी पीठ थपथपायेंगे; और यदि नहीं हो पायेगा, तो जिसके सिर मढ़ा था उसे जिम्मेदार ठहरा देंगे । इस मामले में भी यही हुआ । रोटरी क्लब दिल्ली साऊथ वेस्ट के पदाधिकरियों ने कहा, तो विनय भाटिया ने तुरंत अपने क्लब के को-होस्ट बनने के लिए हामी भर दी - और इस काम को करने की जिम्मेदारी उन्होंने क्लब के अध्यक्ष अनिल मग्गू को सौंप दी । अनिल मग्गू ने यह जिम्मेदारी ले तो ली, लेकिन उन्होंने विनय भाटिया से कहा कि को-होस्ट बनने के लिए जो पैसे देने होंगे, उसके लिए क्लब के लोगों को राजी करने का काम विनय भाटिया करें । विनय भाटिया लेकिन चूँकि काम नहीं करते हैं, वह सिर्फ काम का श्रेय लेते हैं - इसलिए उन्होंने कुछ नहीं किया और फलस्वरूप रोटरी क्लब दिल्ली साऊथ वेस्ट के पदाधिकारियों के साथ किया गया उनका वायदा पूरा नहीं हो सका । स्वाभाविक रूप से, इससे विनय भाटिया की भारी फजीहत हुई । अपनी इस फजीहत के लिए उन्होंने अपने क्लब के अध्यक्ष अनिल मग्गू को जिम्मेदार ठहराया ।
इसी के साथ अनिल मग्गू के लिए क्लब में मुसीबतें शुरू हुईं । समझा जाता है कि विनय भाटिया की शह पर कुछेक लोगों ने अनिल मग्गू के सामने तरह तरह की अड़चने खड़ी करना शुरू कर दिया । इससे परेशान हो कर अनिल मग्गू ने गुस्से में कहीं अध्यक्ष पद छोड़ने की बात कर/कह दी । क्लब में विनय भाटिया के चेलों के इससे हौंसले और बुलंद हो गए । अब वह अनिल मग्गू की गतिविधियों पर सवाल उठाने लगे । उनका कहना रहा कि अनिल मग्गू ने जब अध्यक्ष पद छोड़ दिया है, तो वह अध्यक्ष के रूप में काम/व्यवहार क्यों कर रहे हैं ? अनिल मग्गू के नजदीकियों ने जब देखा कि कुछेक लोगों की बद्तमीज़ियाँ बढ़ती ही जा रही हैं, तो उन्होंने भी कार्रवाई करते हुए जबाव देना शुरू किया । उनका कहना रहा कि गुस्से में कही गई बात को आधार बना कर कुछेक लोग यदि अनिल मग्गू को अध्यक्ष पद से हटाना/हटवाना चाहते हैं, तो वह भी देखते हैं कि उनके मंसूबे कैसे पूरे होते हैं ? दोनों तरफ के रवैये के चलते क्लब में भारी घमासान मच गया है और तरह तरह की बातों के जरिये कीचड़-उछाल कार्यक्रम चल पड़ा है । इस सारे प्रसंग का दिलचस्प पहलू लेकिन यह है कि विनय भाटिया पता नहीं कहाँ छुप बैठ कर तमाशा देख रहे हैं । क्लब के सदस्यों को उम्मीद थी कि विनय भाटिया डिस्ट्रिक्ट गवर्नर नॉमिनी के रूप में अपनी जिम्मेदारी समझते हुए मामले में हस्तक्षेप करेंगे तथा मामले को बिगड़ने से बचायेंगे; लेकिन वह तो मामले से ऐसे दूर बने हुए हैं, जैसे कि उन्हें तो इससे कुछ लेना-देना ही नहीं है ।
विनय भाटिया के रवैये से हतप्रभ व निराश क्लब के सदस्यों ने क्लब ट्रेनर संदीप गोयल से गुहार लगाई है कि दोनों तरफ के कुछेक लोगों ने जिस तरह से क्लब में अराजकता-सी फैलाई हुई है, उसे नियंत्रित करने के लिए वही कुछ करें । पूर्व अध्यक्ष संदीप गोयल क्लब के वरिष्ठ और सक्रिय सदस्य हैं, तथा उनका अध्यक्ष-काल ऐसा उल्लेखनीय रहा था कि डिस्ट्रिक्ट के कई प्रमुख लोगों का ध्यान उन पर गया था । वास्तव में उनके अध्यक्ष-काल में ही रोटरी क्लब फरीदाबाद एनआईटी की पहचान डिस्ट्रिक्ट में बढ़ी थी, जिसका फायदा विनय भाटिया के चुनाव में मिला था । विनय भाटिया के चुनाव में फरीदाबाद के जिन कुछेक लोगों ने निर्णायक भूमिका निभाई थी, संदीप गोयल उनमें एक हैं । संदीप गोयल से कहा जा रहा है कि वह क्लब में यदि शांति स्थापित करवायेंगे, तो यह उनकी तरफ से विनय भाटिया की एक और मदद होगी । क्लब के सदस्यों ने संदीप गोयल से गुहार लगाई है कि क्लब में जो बबाल मचा है, उसे थामने तथा क्लब के सदस्यों के बीच पहले जैसा परस्पर सहयोग व सौहार्द बनाये रखने का उपाय करें । क्लब में कुछेक सदस्यों ने लेकिन जिस तरह की गर्मी पैदा की हुई है, उसे देखते हुए संदीप गोयल से की जा रही गुहार संदीप गोयल के लिए खासी बड़ी चुनौती है । विनय भाटिया ने क्लब में जो आग लगाई है, संदीप गोयल सचमुच उसे बुझा सकेंगे, या नहीं - यह देखना दिलचस्प होगा ।