Showing posts with label INNERWHEEL. Show all posts
Showing posts with label INNERWHEEL. Show all posts

Monday, January 28, 2013

मुकेश अरनेजा ने ललित खन्ना का बदला उनकी पत्नी नीलू खन्ना से लेने का निश्चय किया है और दावा किया है कि वह नीलू खन्ना को इनरव्हील की डिस्ट्रिक्ट चेयरपरसन नहीं बनने देंगे

नई दिल्ली । मुकेश अरनेजा ने अब इनरव्हील क्लब्स की राजनीति करने का भी निश्चय किया है और वहाँ उनके निशाने पर होंगी नीलू खन्ना । नीलू खन्ना को इनरव्हील क्लब्स में एक वर्ष बाद डिस्ट्रिक्ट चेयरपरसन बनना है; लेकिन मुकेश अरनेजा ने ऐलान किया है कि वह देखते हैं कि नीलू खन्ना कैसे चेयरपरसन का पदभार संभालती हैं । मुकेश अरनेजा के निशाने पर आने के लिए नीलू खन्ना का गुनाह सिर्फ यह है कि वह ललित खन्ना की पत्नी हैं । मुकेश अरनेजा का असली गुस्सा ललित खन्ना के प्रति है - लेकिन उनका तो वह कुछ कर नहीं सकते हैं; इसलिए ललित खन्ना से अपना बदला पूरा करने के लिए उन्होंने नीलू खन्ना को निशाने पर लेने की तैयारी की है । मुकेश अरनेजा आजकल खाली भी हैं, रोटरी में उन्हें कोई उम्मीदवार अभी मिला नहीं है - लिहाजा उन्होंने ललित खन्ना से निपटने का काम खोज लिया है ।
ललित खन्ना से मुकेश अरनेजा की नाराजगी का कारण यह है कि ललित खन्ना के कारण मुकेश अरनेजा की राजनीति की सारी चमक और धमक मिट्टी में मिल गई है । मुकेश अरनेजा खुद से इतराते हुए डींगे भले ही मारते हों कि वह ही डिस्ट्रिक्ट की राजनीति को नियंत्रित करते हैं, और वह ही चुनाव जितवाते हैं और उन्होंने ही जेके गौड़ को डिस्ट्रिक्ट गवर्नर नॉमिनी बनवाया है - लेकिन जब लोग उनसे पूछते हैं कि तुम अगर इतने ही प्रभावी नेता हो तो तुमने अपने क्लब के ललित खन्ना को डिस्ट्रिक्ट गवर्नर नॉमिनी क्यों नहीं बनवाया; तब मुकेश अरनेजा का सारा इतराना झड़ जाता है । इस सवाल के चलते मुकेश अरनेजा की सबसे ज्यादा किरकिरी अपने ही क्लब में हो रही है । अपनी तथाकथित उपलब्धियों का बखान करके मुकेश अरनेजा अभी तक अपने क्लब में अपनी तारीफों के कसीदे खुद ही पढ़ लिया करते थे - लेकिन उक्त सवाल के चलते उनके लिए ऐसा कर पाना अब मुश्किल हो गया है । क्लब के लोग उनसे पूछते भी हैं कि ललित खन्ना उनके क्लब के पुराने सदस्य हैं, हमेशा ही उनके बहुत खास रहे हैं, उनके ही कहने और प्रेरित करने पर वह डिस्ट्रिक्ट गवर्नर नॉमिनी पद के उम्मीदवार बने - तब फिर उन्होंने ललित खन्ना को क्यों नहीं डिस्ट्रिक्ट गवर्नर नॉमिनी बनवाया, जेके गौड़ को क्यों बनवाया ?
ललित खन्ना को लेकर पूछे जाने वाले इस सवाल के बाद क्लब के लोगों के बीच अगला सवाल यह पैदा हुआ कि मुकेश अरनेजा ने कहीं जेके गौड़ का समर्थन करने के बदले में उनसे पैसे तो नहीं ऐंठे हैं ? यह सवाल दरअसल इसलिए पैदा हुआ क्योंकि क्लब के लोग जानते हैं कि बिजनेस फ्रंट पर मुकेश अरनेजा की हालत आजकल पतली चल रही है और वह भी असित मित्तल वाले 'रास्ते' पर हैं । क्लब के लोग यह भी जानते हैं कि मुकेश अरनेजा ने जेके गौड़ को डिस्ट्रिक्ट गवर्नर पद के लायक कभी माना ही नहीं; और जेके गौड़ ही उन्हें तथा दूसरों को बताया करते थे कि मुकेश अरनेजा ने उन्हें चुनावी मुकाबले से बाहर करने के लिए आलोक गुप्ता को मोहरा बनाया हुआ है । नोमीनेटिंग कमेटी का गठन होने और उसके द्धारा फैसला करने के ठीक एक दिन पहले मुकेश अरनेजा ने पूर्व गवर्नर हरीश मल्होत्रा को फोन करके डॉक्टर सुब्रमणियन को नोमीनेट कराने में मदद का भरोसा दिया था तब फिर आखिर ऐसा क्या हुआ कि मुकेश अरनेजा ने अचानक से जेके गौड़ की उम्मीदवारी का झंडा उठा लिया । कुछेक लोगों को लगता है कि यह भांप लेने के बाद कि जेके गौड़ में ही दम है और वही डिस्ट्रिक्ट गवर्नर नॉमिनी चुने जायेंगे, मुकेश अरनेजा ने रंग बदल कर जेके गौड़ की उम्मीदवारी का झंडा उठा लिया; लेकिन जो लोग मुकेश अरनेजा के बिजनेस के बुरे दौर से गुजरने की बात जानते हैं उनका कहना है कि जेके गौड़ के समर्थन को उन्होंने एक बिजनेस डील के रूप में पहचाना और जेके गौड़ की उम्मीदवारी का समर्थन करने के लिए मुकेश अरनेजा ने मोटी रकम बसूली है ।
मुकेश अरनेजा के क्लब के लोगों का ही कहना है कि मोटी रकम के लालच में ही मुकेश अरनेजा ने अपने ही क्लब के सदस्य ललित खन्ना की उम्मीदवारी के साथ धोखा किया - जबकि ललित खन्ना के साथ उनके वर्षों के संबंध हैं और ललित खन्ना ने उनके ही कहने से अपनी उम्मीदवारी को प्रस्तुत किया था । इस स्थिति के चलते मुकेश अरनेजा के लिए अपने ही क्लब के लोगों का सामना करना मुश्किल हो गया है । मुकेश अरनेजा इस स्थिति के लिए ललित खन्ना को जिम्मेदार मानते/ठहराते हैं । उम्मीदवारी प्रस्तुत करके ललित खन्ना अपने लिए तो कुछ नहीं पा सके, लेकिन उनकी उम्मीदवारी ने मुकेश अरनेजा की अच्छी खासी फजीहत जरूर कर दी है । मुकेश अरनेजा के सामने समस्या लेकिन यह है कि वह ललित खन्ना का करें तो क्या करें ? ललित खन्ना का कुछ करना भी उन्हें लेकिन जरूरी लगता है । सो, मुकेश अरनेजा ने ललित खन्ना का बदला उनकी पत्नी नीलू खन्ना से लेने का निश्चय किया है । अपने नजदीकियों से मुकेश अरनेजा ने बता दिया है कि वह नीलू खन्ना को इनरव्हील की डिस्ट्रिक्ट चेयर परसन नहीं बनने देंगे ।
जाहिर है कि मुकेश अरनेजा को काम मिल गया है । 

Saturday, August 25, 2012

पहले दाँव में ललित खन्ना से 'पिटने' के बाद, मुकेश अरनेजा ने ललित खन्ना पर उनके बिजनेस संबधी घपले को उजागर करके अब सीधी चोट की है

नई दिल्ली | मुकेश अरनेजा ने ललित खन्ना को निपटाने के लिए अब उनके एक बिजनेस संबंधी घपले को हथियार बना लिया है | मुकेश अरनेजा ने अपने कुछेक खास लोगों को जो किस्सा बताया है, उसके अनुसार ललित खन्ना को रोटरी इंटरनेशनल के एक प्रोजेक्ट के लिए वाटर पंप्स सप्लाई करने का एक बड़ा आर्डर मिला था, जिसे उन्होंने अपनी एक कंपनी एओवी इंटरनेशनल के जरिये पूरा किया था | ललित खन्ना ने अपनी उक्त कंपनी के जरिये जो वाटर पंप्स निर्यात किए थे, वह घटिया निकले - न सिर्फ घटिया निकले, बल्कि उनके इस्तेमाल के कारण लोगों की जान पर ही बन आई थी | उक्त वाटर पंप्स दरअसल रोटरी इंटरनेशनल के एक प्रोजेक्ट के तहत अफ्रीकी देशों में लगने थे, और उन्हें पानी की गुणवत्ता को भी नियंत्रित करना था तथा पानी को पीने योग्य बनाना था | ललित खन्ना ने लेकिन जो वाटर पंप्स निर्यात किए, वह अपनी गुणवत्ता पर खरे नहीं उतरे और उनके द्धारा सप्लाई किए गए वाटर पंप्स लोगों को जहरीला पानी देते हुए पाये गए | रोटरी इंटरनेशनल के उक्त प्रोजेक्ट से जुड़े लोगों ने मामले को बहुत गंभीरता से लिया और - जैसा कि मुकेश अरनेजा का दावा है कि ललित खन्ना के खिलाफ कड़ी कार्यवाई करने की तैयारी की थी | मुकेश अरनेजा लोगों को बता रहे हैं कि उन्होंने ललित खन्ना को उस मामले से बचाया था | ललित खन्ना की कंपनी एओवी इंटरनेशनल द्धारा सप्लाई किए गए पंप्स की खामियों को लेकर तैयार की गई लिंडा मोरेला की रिपोर्ट तथा लिंडा मोरेला को ललित खन्ना की कंपनी के मार्केटिंग वाइस प्रेसीडेंट नरेश मेहता द्धारा सफाई में लिखे गए पत्र की प्रतिलिपियाँ 'रचनात्मक संकल्प' के पास मौजूद हैं |
ललित खन्ना के नजदीकियों के अनुसार, मुकेश अरनेजा इस किस्से को उछाल कर दरअसल ललित खन्ना पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं | उल्लेखनीय है कि इससे पहले डिस्ट्रिक्ट गवर्नर पद के लिए ललित खन्ना की उम्मीदवारी का विरोध करके मुकेश अरनेजा ने ललित खन्ना पर दबाव बनाने की जो कोशिश की थी, वह बूमरेंग कर गई और उसने पलट कर मुकेश अरनेजा पर ही करारी चोट की | मुकेश अरनेजा को क्लब से निकालने की तैयारी की जाने लगी | मुकेश अरनेजा ने क्लब के पदाधिकारियों से माफी मांग कर क्लब से अपने निष्कासन को तो टलवा दिया, लेकिन अपनी इस फजीहत को वह पचा नहीं पाये हैं | ललित खन्ना को सबक सिखाने के लिए ही मुकेश अरनेजा ने रोटरी में किए उनके बिजनेस घपले को हथियार बना लिया है | मुकेश अरनेजा कह/बता रहे हैं कि उनके पास ललित खन्ना को ठिकाने लगाने के लिए बहुत से हथियार हैं - इसलिए ललित खन्ना और उनके समर्थक व शुभचिंतक उनके एक हथियार के फेल हो जाने पर ज्यादा खुश न हों | मुकेश अरनेजा लोगों को बता रहे हैं कि उनके पहले हमले को तो ललित खन्ना ने केके गुप्ता की मदद से झेल लिया है, लेकिन उनके अगले हमलों को झेल पाने में केके गुप्ता भी उनकी कोई मदद नहीं कर पायेंगे | मुकेश अरनेजा का दो टूक कहना है कि वह ललित खन्ना की ऐसी हालात कर देंगे कि ललित खन्ना के लिए डिस्ट्रिक्ट गवर्नर पद के लिए उम्मीदवार बने रहना ही मुश्किल हो जायेगा और वह मैदान छोड़ने को मजबूर हो जायेगा | जो लोग ललित खन्ना को जानते/पहचानते हैं, उनका भी मानना और कहना है कि ललित खन्ना के बस की उम्मीदवार बने रहना है भी नहीं - मुकेश अरनेजा नाहक ही अपनी एनर्जी और समय बर्बाद कर रहे हैं | मुकेश अरनेजा को जानने वाले लोगों का कहना है कि मुकेश अरनेजा भी जानते हैं कि ललित खन्ना के बस की उम्मीदवार बनना नहीं है - लेकिन वह ऐसा कुछ करते रहना चाहते हैं जिससे लोगों को लगे कि ललित खन्ना का काम जो बिगड़ा है वह मुकेश अरनेजा ने बिगाड़ा है |
मुकेश अरनेजा को ललित खन्ना से बड़ी शिकायत यह हुई है कि ललित खन्ना उन्हें छोड़ कर केके गुप्ता के साथ जा मिले हैं | उल्लेखनीय है कि क्लब की राजनीति में पिछले कई वर्षों से ललित खन्ना की हैसियत और पहचान मुकेश अरनेजा के लिए काम करने वाले की थी | मुकेश अरनेजा उन्हें आगे बढ़ने - गवर्नर बनने के लिए प्रेरित तो करते रहे हैं, लेकिन ललित खन्ना जब सचमुच गवर्नर पद का चुनाव लड़ने को तैयार हो गए तब मुकेश अरनेजा पीछे हट गए | मुकेश अरनेजा के रवैये में धोखा देखने वाले ललित खन्ना ने तब केके गुप्ता का दामन पकड़ा | केके गुप्ता ने ललित खन्ना को जो राह पकड़वाई, ललित खन्ना को उस राह पर चलता देख मुकेश अरनेजा के तो हाथों के तोते उड़ गए | मुकेश अरनेजा के लिए अब किसी भी तरह ललित खन्ना की बढ़ती राह को रोकना जरूरी हो गया | मुकेश अरनेजा ने ललित खन्ना की बढ़ती राह को रोकने के लिए जिस तरह उनके बिजनेस संबंधी मामले को इस्तेमाल करना शुरू किया है - उससे उन लोगों को भी हैरानी हुई है जो मुकेश अरनेजा को पहले से ही एक घटिया सोच का व्यक्ति मानते थे | उनका कहना है कि उन्हें अंदाज़ नहीं था कि मुकेश अरनेजा उनकी सोच से भी ज्यादा घटिया साबित होंगे, और ललित खन्ना के खिलाफ इस हद तक जायेंगे | इस तरह की बातों से बेपरवाह, मुकेश अरनेजा ने ललित खन्ना की रोटरी में की गई बिजनेस संबधी बेईमानी को बताने/उछालने के जरिये यह दिखाना शुरू किया है कि ललित खन्ना के लिए रोटरी सिर्फ अपने बिजनेस को बढ़ाने का जरिया है |
मजे की बात यह है कि खुद ललित खन्ना का रवैया भी मुकेश अरनेजा की 'बात' को ही सही बताता है | ललित खन्ना क्लब की राजनीति में बहुत सक्रिय रहे हैं, लेकिन क्लब से आगे बढ़ने में उन्होंने कभी कोई दिलचस्पी नहीं ली | उनकी पत्नी नीलू खन्ना इनरव्हील क्लब में सक्रिय हैं और चेयरपरसन बनने की राह पर हैं | इनरव्हील में कई महिलाएँ सक्रिय हैं जिनके पति रोटरी में बिलकुल भी सक्रिय नहीं हैं | लेकिन नीलू खन्ना के साथ ऐसा नहीं है | उनके पति ललित खन्ना रोटरी में घमासान रूप में सक्रिय तो हैं - लेकिन कोई बड़ी जिम्मेदारी लेने से बचते रहे हैं | मुकेश अरनेजा अब जो बात ललित खन्ना के बारे में 'बता' रहे हैं, उससे लोगों को यही समझ में आ रहा है कि ललित खन्ना की रोटरी में सक्रियता अपने बिजनेस को बढ़ाने का जरिया भर है | पहले दाँव में ललित खन्ना से 'पिटने' के बाद, मुकेश अरनेजा ने ललित खन्ना पर उनके बिजनेस संबधी घपले को उजागर करके सीधी चोट की है | यह देखने की बात होगी कि ललित खन्ना इस चोट से मिले जख्म को कैसे भरते हैं और डिस्ट्रिक्ट गवर्नर पद की अपनी उम्मीदवारी को बनाये रहते हैं या उससे पीछे हट जाते हैं ?