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Tuesday, February 13, 2018

रोटरी इंटरनेशनल डिस्ट्रिक्ट 3011 में डिस्ट्रिक्ट गवर्नर रवि चौधरी से तरह तरह के 'लाभ' उठाने के प्रयासों के चलते बबाल में घिरी सारिका यादव के मामले में दो पूर्व गवर्नर सुरेश जैन व संजय खन्ना भी 'आमने-सामने' हुए

नई दिल्ली । रोटरी क्लब दिल्ली साऊथ ईस्ट की प्रेसीडेंट सारिका यादव के रवैये के कारण बनी नाराजगी से भड़के माहौल को शांत करने के लिए पूर्व प्रेसीडेंट्स की मीटिंग के बाद मामला सुलझने की बजाए बढ़ और गया लगता है । पूर्व डिस्ट्रिक्ट गवर्नर सुरेश जैन के इस मीटिंग में शामिल न होने से मीटिंग में माहौल यूँ भी तनावपूर्ण था, जिसे सारिका यादव के नए आरोपों ने और उलझा दिया । अपने ऊपर लगे आरोपों पर सफाई देने और या शर्मिंदा होने की बजाए सारिका यादव ने जिस तरह क्लब के कुछेक सदस्यों पर उन्हें बदनाम करने का आरोप लगाया, उससे क्लब के कुछेक और सदस्यों ने भी घोषणा कर दी है कि सारिका यादव के अध्यक्ष रहते वह क्लब के आयोजनों में शामिल नहीं होंगे । पूर्व डिस्ट्रिक्ट गवर्नर सुरेश जैन पहले से ही यह घोषणा किए हुए हैं । क्लब के सदस्यों के अनुसार, क्लब के सदस्य एक अन्य पूर्व डिस्ट्रिक्ट गवर्नर संजय खन्ना ने सुरेश जैन को समझाने तथा उनकी नाराजगी दूर करने के काफी प्रयास किए हैं, और उनके प्रयासों के चलते ही उम्मीद बनी थी कि सुरेश जैन पूर्व प्रेसीडेंट्स की मीटिंग में शामिल होंगे - लेकिन सुरेश जैन के मीटिंग में शामिल न होने से संदेश गया है कि वह संजय खन्ना के प्रयासों से संतुष्ट नहीं हैं । क्लब के कुछेक सदस्यों को लगता है कि बीच-बचाव करने के संजय खन्ना के प्रयासों को देख/जान कर सारिका यादव ने समझ लिया है कि उनका प्रेसीडेंट पद बच ही जाएगा - और इसीलिए उन्होंने क्लब के और कई सदस्यों को निशाना बना लिया है । सारिका यादव के इस रवैये से क्लब में सुलझता दिख रहा मामला भड़क और गया है ।
उल्लेखनीय है कि रोटरी क्लब दिल्ली साऊथ ईस्ट में पैदा हुए बबाल का मुख्य विषय यह है कि क्लब के प्रेसीडेंट की प्रतिबद्धता क्लब व क्लब के सदस्यों के प्रति ज्यादा होनी चाहिए या डिस्ट्रिक्ट गवर्नर के प्रति ? सारिका यादव के खिलाफ जो गंभीर आरोप है और जिसने क्लब के सदस्यों को भड़काया हुआ है, वह यही है कि क्लब की प्रेसीडेंट के रूप में सारिका यादव डिस्ट्रिक्ट गवर्नर रवि चौधरी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाने/जताने के चक्कर में क्लब के फैसलों के साथ न सिर्फ धोखा करती रही हैं, बल्कि क्लब के वरिष्ठ सदस्यों को रवि चौधरी द्वारा अपमानित किए जाने की कार्रवाईयों को भी समर्थन देती रही हैं । क्लब के मौजूदा हालात से खफा सदस्यों का कहना है कि बीच-बचाव करने वाले वरिष्ठ सदस्य लेकिन सारिका यादव से इस मुख्य आरोप का जबाव लेने की कोई कोशिश ही नहीं कर रहे हैं; और इस कारण क्लब के सदस्यों को अपमानित करने के अपने रवैये में सारिका यादव कोई सुधार करती हुई नहीं दिख रही हैं । उनके रवैये के कारण पूर्व प्रेसीडेंट्स की मीटिंग के बाद हालात और बिगड़ गए हैं ।
अभी तक यह समझा जा रहा था कि क्लब और क्लब के सदस्यों की बजाए डिस्ट्रिक्ट गवर्नर को ज्यादा तवज्जो देने के पीछे सारिका यादव का उद्देश्य अपने लिए अवॉर्ड का जुगाड़ करना ही है; लेकिन अब कुछेक नई बातें चर्चा में आ रही हैं, जिनसे मामला और गंभीर होता जा रहा है । सारिका यादव के पति सम्राट यादव को रवि चौधरी ने अपनी टीम में डिस्ट्रिक्ट वेबसाईट कमेटी के चेयरमैन का पद दिया हुआ है, जिसके तहत उन्हें डिस्ट्रिक्ट की वेबसाईट बनाने और चलाने की जिम्मेदारी निभानी है । रवि चौधरी ने डिस्ट्रिक्ट की वेबसाईट बनवाने/चलवाने के खर्चे पूरे करने के लिए प्रत्येक क्लब से बीस-बीस हजार रुपए की सहयोग राशि की माँग की है । यह बात किसी को नहीं पता कि इस तरह से जो करीब पंद्रह लाख रुपए इकट्ठा होंगे, वह किसे मिलेंगे - वह सम्राट यादव को मिलेंगे और या रवि चौधरी की जेब में जायेंगे ? सम्राट यादव को डिस्ट्रिक्ट की वेबसाईट बनाने/चलाने की जो जिम्मेदारी मिली है, वह डिस्ट्रिक्ट गवर्नर की टीम के एक पदाधिकारी के रूप में उन्हें मिली है, या यह एक प्रोफेशनल असाइनमेंट है जिसके उन्हें पैसे मिलने हैं - और यदि उन्हें पैसे मिलने हैं, तो कितने मिलने हैं; और यदि उन्हें पैसे नहीं मिलने हैं तो वेबसाईट के नाम पर क्लब्स से इकट्ठे किए जाने वाले करीब पंद्रह लाख रुपयों का होगा क्या ? यह कुछ ऐसे सवाल हैं, जिन पर रवि चौधरी ने पूरी तरह चुप्पी साधी हुई है । यह सवाल इसलिए भी बड़े गड़बड़झाले का संकेत देते हैं, क्योंकि यह बात भी चर्चा में है कि रवि चौधरी ने सारिका यादव को आश्वस्त किया हुआ है कि वह उनसे बिना कोई पैसा लिए उन्हें 'मेजर डोनर' का खिताब दिलवायेंगे । डिस्ट्रिक्ट गवर्नर रोटरी फाउंडेशन के नाम पर मिले पैसों को 'दिखाने' में हेराफेरी करके कम पैसों में पीएचएफ और मेजर डोनर 'बनाने' का खेल करते हुए तो सुने गए हैं, लेकिन रवि चौधरी बिना कोई पैसा लिए सारिका यादव को मेजर डोनर बना/बनवा देंगे - इस बात ने क्लब व डिस्ट्रिक्ट के लोगों को चौंकाया जरूर है ।
लोग चौंके जरूर हों, लेकिन सारिका यादव को दिए रवि चौधरी के आश्वासन पर वास्तव में शक किसी को नहीं हुआ । हर कोई मानता है कि रवि चौधरी ने सारिका यादव को यदि कोई पैसा लिए बिना मेजर डोनर बनाने/बनवाने का आश्वासन दिया है, तो वह उसे अवश्य ही पूरा करेंगे । डिस्ट्रिक्ट विन्स सेमीनार का नजारा लोगों को खूब याद है - जहाँ समयाभाव का वास्ता देते हुए रवि चौधरी ने रोटरी इंडिया विन्स प्रोग्राम के चेयरमैन सुशील गुप्ता का भाषण तो नहीं होने दिया था, लेकिन सारिका यादव के एक निजी शुभ अवसर को सेलीब्रेट करने के लिए उनके पास समय का कोई अभाव नहीं था । रोटरी की, रोटरी के एक महत्त्वपूर्ण कार्यक्रम के रूप में विन्स प्रोग्राम की, और पूर्व इंटरनेशनल डायरेक्टर सुशील गुप्ता की एक साथ ऐसीतैसी करते हुए रवि चौधरी ने डिस्ट्रिक्ट विन्स सेमीनार में सारिका यादव से केक कटवाने का जो कार्यक्रम करवाया था - वह इस बात की मिसाल है कि रवि चौधरी के लिए सारिका यादव की क्या अहमियत है । इसीलिए बिना पैसा लिए सारिका यादव को मेजर डोनर बनवाने के रवि चौधरी के आश्वासन पर किसी को भी शक नहीं है । समझा जाता है कि अवॉर्ड और मेजर डोनर जैसे आश्वासनों के चलते ही सारिका यादव ने अपने क्लब और क्लब के सदस्यों की साख व प्रतिष्ठा की अनदेखी की हुई है - लेकिन जो अभी फिलहाल उनके लिए मुसीबत का सबब बनी हुई है । सारिका यादव के व्यवहार व रवैये को लेकर छिड़े बबाल के चलते रोटरी क्लब दिल्ली साऊथ ईस्ट में एक दिलचस्प नजारा यह भी बना है कि एक पूर्व डिस्ट्रिक्ट गवर्नर सुरेश जैन तो बुरी तरह खफा हैं, लेकिन दूसरे पूर्व गवर्नर संजय खन्ना मामले को ठंडा करने की कोशिशों में जुटे हैं ।

Saturday, February 10, 2018

रोटरी इंटरनेशनल डिस्ट्रिक्ट 3011 में पूर्व डिस्ट्रिक्ट गवर्नर सुरेश जैन के प्रति रवि चौधरी द्वारा की गई बदतमीजी का समर्थन करने के कारण खतरे में पड़े प्रेसीडेंट पद को बचाने की कोशिश में सारिका यादव ने इस्तीफे के ऑफर का नाटक रचा

नई दिल्ली । रोटरी क्लब दिल्ली साऊथ ईस्ट की प्रेसीडेंट सारिका यादव ने डिस्ट्रिक्ट गवर्नर से अवॉर्ड प्राप्त करने के चक्कर में क्लब की और क्लब के वरिष्ठ सदस्यों की पहचान व प्रतिष्ठा के साथ जो खिलवाड़ किया है, उसे लेकर क्लब में खासा बबाल पैदा हो गया है । सारिका यादव ने प्रेसीडेंट पद से इस्तीफा देने के ऑफर का नाटक करके इस बबाल को और भड़का दिया है । क्लब के कई सदस्यों का कहना है कि सारिका यादव को यदि सचमुच इस्तीफा देना है, तो वह इस्तीफा देती क्यों नहीं हैं - इस्तीफा देने के ऑफर का नाटक क्यों कर रही हैं ? क्लब के कुछेक वरिष्ठ सदस्य हालाँकि बीच-बचाव करने के प्रयासों में भी लगे हैं, और उन सदस्यों को समझाने में लगे हैं जो प्रेसीडेंट के रूप में सारिका यादव के रवैये व व्यवहार से नाराज हैं । क्लब के कुछेक सदस्य यह भी कहने लगे हैं कि इस बार के घटनाचक्र से सबक लेकर क्लब के प्रेसीडेंट के चुनाव में सावधानी रखने की जरूरत है, ताकि सारिका यादव जैसे छोटी सोच के स्वार्थी लोग अध्यक्ष न बन सकें और क्लब की पहचान व प्रतिष्ठा को कलंकित न कर सकें । प्रेसीडेंट के रूप में सारिका यादव के रवैये व व्यवहार से नाराज क्लब के सदस्यों का कहना है कि क्लब की गतिविधियों के संचालन में तो सारिका यादव को क्लब के सदस्यों का सहयोग व समर्थन चाहिए होता है, लेकिन अपने लिए अवॉर्ड के लालच में वह क्लब के साथ-साथ क्लब के वरिष्ठ सदस्यों की साख व प्रतिष्ठा को भी अपने व्यवहार और रवैये से दाँव पर लगाती रही हैं ।
क्लब के सदस्यों के अनुसार, सारिका यादव के क्लब विरोधी रवैये की इंतहा का नजारा डिस्ट्रिक्ट कॉन्फ्रेंस में उस समय देखने को मिला, जब डिस्ट्रिक्ट गवर्नर रवि चौधरी पूर्व डिस्ट्रिक्ट गवर्नर सुरेश जैन के खिलाफ बकवासबाजी करने लगे, और सारिका यादव उनकी हाँ में हाँ मिलाने लगीं । सुरेश जैन रोटरी क्लब दिल्ली साऊथ ईस्ट के सदस्य हैं, और रोटरी के लिए उन्होंने जितना किया है - किसी दूसरे रोटेरियन ने नहीं किया है । सुरेश जैन ने रोटरी में अपना पैसा तो लगाया ही है, अपनी पहल और सक्रियता से रोटरी के कई एक महत्त्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स भी संभव किए हैं । रवि चौधरी लेकिन उन्हें एक बेईमान पूर्व गवर्नर के रूप में चित्रित कर रहे थे और आरोप लगा रहे थे कि सुरेश जैन ने रोटरी फाउंडेशन में जितने पैसे दिए हैं, उससे कहीं ज्यादा उन्होंने रोटरी फाउंडेशन से पैसे लिए हैं । यह बात अपने आप में रवि चौधरी की मूर्खता को ही जाहिर कर रही थी - सुरेश जैन के नाम पर रोटरी फाउंडेशन से जो पैसे मिले हैं, वह विभिन्न प्रोजेक्ट्स के लिए ही तो मिले हैं; तो उसमें आरोप जैसी भला क्या बात है ? यह सामान्य सी बात लेकिन रवि चौधरी की समझ में नहीं आएगी - क्योंकि उन्होंने तो रोटरी के लिए कुछ किया नहीं है । अपने 'कुछ न करने' को, अपने 'छोटेपन' को छिपाने का उन्हें यही तरीका आता है कि जिन्होंने कुछ किया है, उन्हें लांछित करो । अपने इसी फार्मूले को अपनाते हुए रवि चौधरी विभिन्न मौकों पर विनोद बंसल को तरह तरह से लांछित करते रहे; और डिस्ट्रिक्ट कॉन्फ्रेंस में उन्होंने सुरेश जैन को लपेट लिया । सुरेश जैन के खिलाफ रवि चौधरी की बकवासबाजी को सुनने वाले लोगों को रवि चौधरी के व्यवहार पर तो कोई आश्चर्य नहीं हुआ, क्योंकि रवि चौधरी के घटिया स्वभाव से सभी परिचित हैं - किंतु सुरेश जैन के क्लब की प्रेसीडेंट सारिका यादव को रवि चौधरी की हाँ में हाँ मिलाते और उनकी बकवासबाजी का समर्थन करते देख लोगों को जरूर हैरानी हुई ।
सारिका यादव के इस व्यवहार में इंतहा की भी इंतहा तब हुई, जब मौके पर मौजूद उनके क्लब के वरिष्ठ सदस्य नीरज भटनागर ने सुरेश जैन के खिलाफ बकवास करते रवि चौधरी को टोका और उनसे कहा कि सुरेश जैन जैसे व्यक्ति के लिए उन्हें इस तरह की बातें नहीं कहना/करना चाहिए - जिसे सुनकर रवि चौधरी, नीरज भटनागर पर ही भड़कने लगे और उस दौरान भी सारिका यादव ने रवि चौधरी की ही बातों के प्रति समर्थन दिखाया/जताया । सारिका यादव के इस व्यवहार की जानकारी जब क्लब के अन्य सदस्यों को मिली, तब अधिकतर सदस्य भड़क उठे । सदस्यों का कहना रहा कि सारिका यादव को अवॉर्ड मिलेगा, तो यह क्लब के सदस्यों के लिए भी गर्व करने की बात होगी - लेकिन अवॉर्ड पाने के लिए सारिका यादव इस स्तर तक चली जायेंगी कि रवि चौधरी द्वारा क्लब के वरिष्ठ सदस्यों को अपमानित किए जाने को भी समर्थन देने लगेंगी, तो यह क्लब और क्लब के सदस्यों के लिए नितांत शर्म की ही बात है । सारिका यादव की खुशकिस्मती रही कि क्लब के अधिकतर सदस्यों को इस बात का पता भी नहीं रहा/चला कि सारिका यादव अपने अवॉर्ड के चक्कर में किस किस तरह से क्लब का नाम खराब करती रही हैं और क्लब के वरिष्ठ सदस्यों के लिए अपमानजनक स्थितियाँ पैदा करती रही हैं - लेकिन सुरेश जैन के प्रति और नीरज भटनागर के साथ रवि चौधरी द्वारा की गई बदतमीजी का उनके द्वारा किए गए समर्थन की बात ने पिछली बातों को भी उद्घाटित कर दिया । इसके बाद ही क्लब में चर्चा चली कि सारिका यादव क्लब की प्रेसीडेंट बने रहने लायक नहीं हैं और उन्हें क्लब के प्रेसीडेंट पद से तुरंत हटा दिया जाना चाहिए ।
क्लब में अपने खिलाफ बने माहौल की भनक लगते ही सारिका यादव ने चाल चली और प्रेसीडेंट पद से इस्तीफा दे देने का ऑफर दिया । उनका कहना रहा कि उनके व्यवहार और रवैये को लेकर क्लब के सदस्यों के बीच यदि नाराजगी है, तो फिर वह प्रेसिडेंट पद से इस्तीफा दे देती हैं । उनके इस ऑफर पर क्लब के कुछेक सदस्य बीच-बचाव की कोशिशों में जुट गए हैं । उनका कहना है कि रोटरी में और डिस्ट्रिक्ट में इस तरह की बातें होती ही रहती हैं; रवि चौधरी ने सुरेश जैन से सीधे सीधे तो कुछ नहीं कहा है - सुरेश जैन की पीठ के पीछे उन्होंने जो कुछ भी कहा है, उसके लिए क्लब की प्रेसीडेंट को दोषी क्यों ठहराना चाहिए ? क्लब के कुछेक सदस्य सारिका यादव के प्रेसीडेंट पद को बचाने की कोशिशों में भले ही जुट गए हों, लेकिन क्लब के अधिकतर सदस्यों का मानना और कहना है कि सारिका यादव अवॉर्ड के लिए रवि चौधरी की चाटुकारिता में इस हद तक चली गईं हैं कि क्लब के वरिष्ठ सदस्यों के किए जा रहे अपमान तक का समर्थन करने लगीं हैं - तो उन्हें प्रेसीडेंट के पद पर बने रहने का कोई नैतिक हक नहीं है । ऐसा मानने और कहने वाले सदस्यों का यह भी कहना है कि सारिका यादव को इस्तीफे का ऑफर देने की बजाए प्रेसीडेंट पद से इस्तीफा देना चाहिए । ऑफर से ऐसा लग रहा है जैसे कि वह प्रेसीडेंट पद पर बने रहना चाहती हैं, और इस्तीफे का सिर्फ नाटक कर रही हैं । मजे की बात यह है कि ऐसा कहने वाले सदस्यों में ही कुछेक को यह भी लग रहा है कि इस्तीफे के ऑफर के नाटक के जरिए सारिका यादव प्रेसीडेंट का पद बहुत संभव है कि बचा भी लें ।

Tuesday, October 25, 2016

रोटरी इंटरनेशनल डिस्ट्रिक्ट 3011 में डिस्ट्रिक्ट गवर्नर इलेक्ट रवि चौधरी की मिलीभगत से अमरजीत सिंह व राजीव सागर के बीच पैदा हुए बबाल ने पूर्व डिस्ट्रिक्ट गवर्नर्स - सुरेश जैन व संजय खन्ना के क्लब को मुसीबत में डाला

नई दिल्ली । राजीव सागर की अगले रोटरी वर्ष में डिस्ट्रिक्ट गवर्नर नॉमिनी पद के लिए अपनी उम्मीदवारी की घोषणा ने अमरजीत सिंह के लिए मुसीबत खड़ी करने के साथ-साथ इन दोनों के अपने क्लब - रोटरी क्लब दिल्ली साऊथ ईस्ट में खासा बबाल पैदा कर दिया है । उल्लेखनीय है कि क्लब के वरिष्ठ सदस्य अमरजीत सिंह मौजूदा रोटरी वर्ष में डिस्ट्रिक्ट गवर्नर नॉमिनी पद के उम्मीदवार हैं - समझा जाता है कि राजीव सागर ने अगले वर्ष में अपनी उम्मीदवारी की घोषणा करके अमरजीत सिंह की इस वर्ष की उम्मीदवारी को नुकसान पहुँचाने का काम किया है । राजीव सागर की 'अगले वर्षों में' उम्मीदवारी प्रस्तुत करने की चर्चा हालाँकि पहले से ही थी, लेकिन वह अगले ही वर्ष उम्मीदवार होंगे - क्लब में यह आहट किसी को भी नहीं थी । इसीलिए, अगले वर्ष के लिए अचानक से - और अभी से अपनी उम्मीदवारी की घोषणा करके राजीव सागर ने डिस्ट्रिक्ट के लोगों को ही नहीं, बल्कि अपने क्लब के लोगों को भी हैरान किया है - और अधिकतर लोगों को इस निष्कर्ष पर पहुँचने के लिए 'मजबूर' किया है कि अचानक की गई उनकी इस घोषणा में अवश्य ही अमरजीत सिंह की इस वर्ष की उम्मीदवारी को नुकसान पहुँचाने का 'इरादा' छिपा है । लोगों को लगता है कि राजीव सागर को 'डर' है - और या उन्हें डराया गया है कि अमरजीत सिंह इस वर्ष यदि जीत जाते हैं, तो अगले वर्ष उनका दावा कमजोर पड़ जायेगा; डिस्ट्रिक्ट एक ही क्लब के उम्मीदवारों को लगातार गवर्नर थोड़े ही चुनेगा ! इस कारण से, अगले वर्ष में अपने दावे को मजबूत बनाए रखने के लिए राजीव सागर को यह जरूरी लगता है कि वह किसी भी तरह अमरजीत सिंह की जीत की संभावनाओं को धूमिल करें । लोगों को लगता है कि अगले वर्ष के लिए अपनी उम्मीदवारी की अभी से घोषणा करके राजीव सागर ने वास्तव में 'यही' प्रयास किया है । 
राजीव सागर के इस प्रयास में डिस्ट्रिक्ट गवर्नर इलेक्ट रवि चौधरी की भूमिका और 'प्रेरणा' की भी चर्चा सुनी/बताई जा रही है । राजीव सागर के ही नजदीकियों का कहना है कि रवि चौधरी ने ही उन्हें उकसाया कि उन्हें यदि सचमुच अगले वर्ष उम्मीदवार होना है, तो इसके लिए उन्हें अभी से तैयारी शुरू कर देना चाहिए - और अपनी उम्मीदवारी अभी से घोषित देना चाहिए । इन्हीं नजदीकियों के अनुसार, रवि चौधरी ने राजीव सागर को कहा/बताया कि दो-तीन और लोग अगले वर्ष उम्मीदवार होने/बनने की सोच रहे हैं - इसलिए वह यदि अभी से अपनी उम्मीदवारी घोषित कर देंगे, तो दूसरे उम्मीदवारों से आगे रहेंगे । राजीव सागर के नजदीकियों की मानें तो रवि चौधरी ने ही राजीव सागर को अमरजीत सिंह की जीत का 'डर' दिखाया है । रवि चौधरी की सलाह पर तुरंत से अमल करना राजीव सागर को दो कारणों से जरूरी लगा - एक कारण तो यही कि उन्हें रवि चौधरी की सलाह उचित ही लगी; और दूसरा कारण यह कि सलाह पर तुरंत से अमल करने से राजीव सागर को रवि चौधरी का विश्वास जीतने का मौका मिला है । मौके का फायदा उठा लेने के बावजूद राजीव सागर को रवि चौधरी का विश्वास मिलेगा या नहीं, यह तो बाद में पता चलेगा - राजीव सागर की अगले वर्ष की उम्मीदवारी की अभी से की गई घोषणा ने अभी लेकिन उनके अपने क्लब में बबाल जरूर मचा दिया है ।
रोटरी क्लब दिल्ली साऊथ ईस्ट में अमरजीत सिंह के समर्थकों व शुभचिंतकों ने कहना शुरू कर दिया है कि राजीव सागर ने अमरजीत सिंह की उम्मीदवारी के प्रति जो नकारात्मक रवैया दिखाया है, और एक उम्मीदवार के रूप में अमरजीत सिंह की संभावनाओं को असफल करने का जो प्रयास किया - अगले रोटरी वर्ष में राजीव सागर से उसका पूरा पूरा बदला लिया जायेगा । दरअसल, राजीव सागर पर अमरजीत सिंह के समर्थकों का पहले से ही यह गंभीर आरोप रहा है कि उन्होंने डिस्ट्रिक्ट में यह प्रचार करते हुए अमरजीत सिंह की उम्मीदवारी को नुकसान पहुँचाने का काम किया है कि अमरजीत सिंह की उम्मीदवारी को तो क्लब में ही समर्थन नहीं है - और क्लब में जो दो पूर्व डिस्ट्रिक्ट गवर्नर हैं, वह भी अमरजीत सिंह के साथ नहीं हैं । इस नकारात्मक प्रचार के कारण उम्मीदवार के रूप में अमरजीत सिंह को खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है । इस दुष्प्रचार को दरअसल सुरेश जैन व संजय खन्ना के रवैये से विश्वसनीयता मिली । चूँकि इन दोनों पूर्व गवर्नर्स को अमरजीत सिंह की उम्मीदवारी के समर्थन में काम/बात करते हुए नहीं देखा/सुना गया - इसलिए डिस्ट्रिक्ट में लोगों ने उस दुष्प्रचार को सच मान लिया, जिसमें इन दोनों पूर्व गवर्नर्स को अमरजीत सिंह की उम्मीदवारी  खिलाफ बताया गया । अमरजीत सिंह को डिस्ट्रिक्ट के लोगों को यह बताने/समझाने में काफी मशक्कत करना पड़ी है, और अभी भी करना पड़ रही है कि उनके क्लब के दोनों पूर्व डिस्ट्रिक्ट गवर्नर चुनावी राजनीति के पचड़े से दूर ही रहते हैं - इसलिए वह उनकी उम्मीदवारी के संदर्भ में कुछ करते/कहते नहीं सुने जाते हैं; लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वह दोनों उनके साथ नहीं हैं । अमरजीत सिंह ने बड़ा जोरदार तर्क यह दिया कि उक्त दोनों पूर्व डिस्ट्रिक्ट गवर्नर तथा क्लब के दूसरे लोग डिस्ट्रिक्ट गवर्नर नॉमिनी पद के लिए प्रस्तुत उनकी उम्मीदवारी के समर्थन में यदि सचमुच नहीं होते - तो क्लब में उनकी उम्मीदवारी को हरी झंडी भला कैसे मिल पाती ?
अमरजीत सिंह के समर्थकों व शुभचिंतकों का कहना है कि क्लब के पदाधिकारियों तथा अन्य प्रमुख सदस्यों के बीच अमरजीत सिंह की उम्मीदवारी के प्रति समर्थन को लेकर कोई समस्या नहीं है; यह सिर्फ राजीव सागर तथा उनके कुछेक गिने-चुने समर्थक ही उनकी उम्मीदवारी को लेकर दुष्प्रचार कर रहे हैं । अगले वर्ष के लिए राजीव सागर ने जिस तरह से अभी से अपनी उम्मीदवारी की घोषणा कर दी है, उससे भी साबित होता है कि राजीव सागर हर वह काम करने के लिए तैयार हैं - जिससे अमरजीत सिंह की चुनावी संभावनाओं को ग्रहण लग सकता हो । अमरजीत सिंह के समर्थक व शुभचिंतक डिस्ट्रिक्ट गवर्नर इलेक्ट रवि चौधरी के खिलाफ भी अपनी नाराजगी व्यक्त करने से नहीं चूकते हैं, और इस सारे झमेले के लिए वह रवि चौधरी को भी जिम्मेदार ठहराते हैं । उनका आरोप है कि रवि चौधरी अपने स्वार्थ में दोनों को इस्तेमाल कर रहे हैं, और रोटरी क्लब दिल्ली साऊथ ईस्ट में झगड़ा पैदा कर रहे हैं । अभी हाल ही में संपन्न हुई अपनी पेम में रवि चौधरी ने अमरजीत सिंह को 'मौका' देकर उनसे फायदा उठाया, और साथ-साथ ही राजीव सागर को अपने नजदीक लाने की कोशिश करते हुए उन्हें अमरजीत सिंह से ही भिड़वा दिया । इस वर्ष की अमरजीत सिंह की और अगले वर्ष की राजीव सागर की उम्मीदवारी के चलते रोटरी क्लब दिल्ली साऊथ ईस्ट में जो बबाल मचा है, उसमें रवि चौधरी की सीधी मिलीभगत व भागीदारी को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि उसका असर डिस्ट्रिक्ट की चुनावी राजनीति तक पर पड़ेगा ।