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Monday, April 27, 2020

रोटरी इंटरनेशनल डिस्ट्रिक्ट 3011 में हैंड क्राफ्ट ज्वैलरी का ऑक्शन करके डब्ल्यूजीमील के तहत रोटरी फाउंडेशन के पोलियो फंड के लिए रकम जुटाने के उपक्रम के जरिये आभा झा चौधरी ने रोटरी में तो एक नई इबारत लिखी ही है, डिस्ट्रिक्ट 3011 को भी एक विशिष्ट पहचान दी है

नई दिल्ली । डिस्ट्रिक्ट 3011 से बहुत समय बाद एक अच्छी खबर सुनने को मिली, जिसकी वाहक बनीं वरिष्ठ रोटेरियन आभा झा चौधरी । आभा झा चौधरी के अपने अकेले के प्रयत्नों से रोटरी फाउंडेशन के पोलियो फंड में एक ही दिन में करीब 45 हजार अमेरिकी डॉलर की रकम जुटी । आभा झा चौधरी ने खुद तैयार की हैंड क्राफ्टेड ज्वैलरी का ऑक्शन करके उक्त रकम इकट्ठा की - वास्तव में रकम उन्होंने अपने पास इकट्ठा भी नहीं की; उन्होंने तो अपने द्वारा तैयार की हैंड क्राफ्टेड ज्वैलरी को दिखाया और उसे खरीदने वाले को उसकी कीमत सीधे रोटरी फाउंडेशन को भेजने को कहा । रोटरी फाउंडेशन के पोलियो फंड के लिए पैसा इकट्ठा करने के प्रयासों में सक्रिय रहने वाली संस्था डब्ल्यूजीमील (वर्ल्ड ग्रेटेस्ट मील) की कंट्री कोऑर्डीनेटर के रूप में आभा झा चौधरी ने इस तरह अपने काम को एक नई ऊँचाई दी है । ऐसे समय में, जबकि डिस्ट्रिक्ट के पूर्व गवर्नर और बड़े पदाधिकारी रोटरी फाउंडेशन को टर्म गिफ्ट के रूप में 'दान' देने की वकालत करने में लगे हुए हैं, एक पूर्व प्रेसीडेंट आभा झा चौधरी ने पोलियो फंड के लिए रकम जुटाने के लिए अपनी सोच, अपनी प्रतिभा, अपने समय और अपनी मेहनत को न सिर्फ इस्तेमाल किया - बल्कि कामयाबी भी हासिल की, और कामयाबी के जरिये फंड इकट्ठा करने के प्रयासों को एक नई दिशा भी दी । आभा झा चौधरी ने जो किया, वह इस बात का भी सुबूत है कि रोटरी में एक व्यक्ति के प्रयासों को भी फलने-फूलने का मौका मिल सकता है; और यहाँ कोई भी अपनी प्रतिभा तथा अपनी कोशिशों से बड़ा काम कर सकता है । आभा झा चौधरी ने जो उदाहरण प्रस्तुत किया है, उसमें दो इंग्रेडिऐंट की खासी महत्त्वपूर्ण भूमिका रही - एक उनका हुनर और दूसरा रोटरी के लिए कुछ करने का जज़्बा । 
आभा झा चौधरी ने जो किया, उसका आधार बस इन्हीं दो इंग्रेडिऐंट से ही बन गया । लॉकडाउन के चलते अन्य लोगों की तरह आभा झा चौधरी को भी जब घर की चारदीवारी में कैद हो जाना पड़ा, तो समय का सदुपयोग करने के लिए उन्होंने हैंड क्राफ्ट ज्वैलरी बनाने के बारे में सोचा । खास बात यह रही कि इससे पहले उन्होंने कभी ऐसी ज्वैलरी नहीं बनाई थी और उन्हें इसका कोई अनुभव भी नहीं था । इसके बावजूद, उन्हें यह आईडिया इसलिए आया क्योंकि अलग अलग जरूरतों के चलते घर में आया कुछ ऐसा सामान बचा पड़ा था, जिसे देख कर उनकी क्रिएटिव प्रतिभा ने उनसे ज्वैलरी तैयार करने के बारे में सोचा । अब सोचा, तो काम शुरू हुआ । काम शुरू हुआ, तो ज्वैलरी के डिजाईन तैयार करने से लेकर उन्हें क्रियान्वित करने तक के काम में आभा झा चौधरी को अपनी दोनों बेटियों का भी सहयोग मिला । समय का सदुपयोग करने के उद्देश्य से शुरू हुआ ज्वैलरी तैयार करने का काम चल रहा था, तो साथ-साथ रोटरी के लिए कुछ करने का कीड़ा भी कुलबुला रहा था - और ऐसे ही किसी क्षण आभा झा चौधरी को सूझा कि वह हैंड क्राफ्ट ज्वैलरी का ऑक्शन करके क्यों न डब्ल्यूजीमील के तहत रोटरी फाउंडेशन के पोलियो फंड के लिए रकम जुटाने का प्रयास करें - और इस तरह समय का सदुपयोग करने के उद्देश्य से किए गए काम को और सार्थक रूप दें ।
आभा झा चौधरी ने अपने इस विचार को विभिन्न डिस्ट्रिक्ट्स में डब्ल्यूजीमील के अपने सहयोगियों के साथ साझा किया, तो उन्हें उत्साहपूर्ण प्रतिक्रिया मिली । डब्ल्यूजीमील की अन्तर्राष्ट्रीय प्रमुख सुजेन रेआ ने भी उन्हें उनके विचार को अमल में लाने के लिए प्रोत्साहित किया । चारों तरफ से मिले उत्साहवर्धन से आभा झा चौधरी का विश्वास बढ़ा, तो उन्होंने रोटरी इंटरनेशनल के बड़े पदाधिकारियों - इंटरनेशनल प्रेसीडेंट नॉमिनी शेखर मेहता, इंटरनेशनल डायरेक्टर्स भरत पांड्या और कमल सांघवी, रोटरी फाउंडेशन के ट्रस्टी गुलाम वाहनवती आदि के साथ-साथ अन्य कई प्रमुख रोटेरियंस से अपनी योजना के बारे में बात की; उनकी खुशकिस्मती रही कि सभी ने उनकी योजना की तारीफ तो की ही - ऑक्शन में शामिल होने के लिए भी अपनी स्वीकृति दी, और इस तरह हैंड क्राफ्ट ज्वैलरी के ऑक्शन के लिए एक बड़ा मजबूत आधार तैयार हुआ । लॉकडाउन के समय का सदुपयोग करने के इरादे से शुरू हुआ उपक्रम आभा झा चौधरी की प्रतिभा तथा रोटरी के लिए कुछ करने के जज़्बे के साथ जुड़ कर एक बड़ा आयोजन बन गया, जो 26 अप्रैल को रोटरी के बड़े पदाधिकारियों तथा अन्य प्रमुख रोटेरियंस की उपस्थिति में आयोजित हुआ । इस आयोजन की कामयाबी के जरिये आभा झा चौधरी ने रोटरी में तो एक नई इबारत लिखी ही है, डिस्ट्रिक्ट 3011 को भी एक विशिष्ट पहचान दी है । 

Friday, March 22, 2019

रोटरी इंटरनेशनल के पूर्व इंटरनेशनल डायरेक्टर मनोज देसाई ने नेपाल के डिस्ट्रिक्ट 3292 की डिस्ट्रिक्ट कॉन्फ्रेंस में डब्ल्यूजी मील के लिए किए जा रहे आभा झा चौधरी के प्रयासों का उल्लेख करते हुए उनकी निरंतर सक्रियता और प्रभावी नतीजे हासिल करने की उनकी योग्यता को रेखांकित किया

नई दिल्ली । रोटरी फाउंडेशन पोलियो फंड के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए डब्ल्यूजी मील कार्यक्रम की भारत और नेपाल की कंट्री को-ऑर्डिनेटर आभा झा चौधरी ने नेपाल के डिस्ट्रिक्ट - डिस्ट्रिक्ट 3292 के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर इलेक्ट किरनलाल श्रेष्ठा की पत्नी गीता श्रेष्ठा को इस कदर प्रभावित किया कि उन्होंने अगले रोटरी वर्ष में डिस्ट्रिक्ट की फर्स्ट लेडी के रूप में डब्ल्यूजी मील के लिए काम करने को अपनी पहली प्राथमिकता में शामिल करने की घोषणा की है । डिस्ट्रिक्ट कॉन्फ्रेंस के विभिन्न कार्यक्रमों के दौरान गीता श्रेष्ठा द्वारा की गई इस घोषणा का डिस्ट्रिक्ट कॉन्फ्रेंस में मुख्य अतिथि के रूप में पधारे पूर्व इंटरनेशनल डायरेक्टर मनोज देसाई ने खासी प्रशंसा की । गीता श्रेष्ठा की घोषणा की प्रशंसा करते हुए मनोज देसाई ने डब्ल्यूजी मील के लिए किए जा रहे आभा झा चौधरी के प्रयासों का उल्लेख किया और रेखांकित किया कि आभा झा चौधरी की निरंतर सक्रियता और प्रभावी नतीजे हासिल करने की उनकी योग्यता दूसरे लोगों को भी डब्ल्यूजी मील कार्यक्रम से जुड़ने के लिए प्रेरित करती है । गीता श्रेष्ठा ने मनोज देसाई की इस बात का समर्थन करते हुए ही बताया कि डब्ल्यूजी मील कार्यक्रम के बारे में उन्हें आभा झा चौधरी से ही विस्तार से जानने का मौका मिला और आभा झा चौधरी के काम करने के तरीकों तथा उनके अनुभवों ने ही 'मुझे डब्ल्यूजी मील कार्यक्रम पर' फोकस करने तथा इसके लिए खास तौर से कुछ करने के लिए प्रेरित किया है । उल्लेखनीय है कि नेपाल के बुटवाल में आयोजित हुई डिस्ट्रिक्ट 3292 की डिस्ट्रिक्ट कॉन्फ्रेंस में बाहर के लोगों में मनोज देसाई के साथ आभा झा चौधरी को मुख्य अतिथि तथा मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया था । 
नेपाल के डिस्ट्रिक्ट - डिस्ट्रिक्ट 3292 की डिस्ट्रिक्ट कॉन्फ्रेंस में कंट्री को-ऑर्डिनेटर के रूप में निभाई गई आभा झा चौधरी की भूमिका तथा उनकी उपलब्धियों ने डब्ल्यूजी मील के पदाधिकारियों को खासा प्रभावित किया; और डब्ल्यूजी मील की मुख्य कर्ताधर्ता सुजेन रे ने कई मौकों पर अलग अलग तरीकों से आभा झा चौधरी की भूमिका व उपलब्धियों को प्रशंसाभाव से विशेष रूप से रेखांकित किया । वास्तव में, नेपाल के डिस्ट्रिक्ट की डिस्ट्रिक्ट कॉन्फ्रेंस में आभा झा चौधरी की उपलब्धियाँ डब्ल्यूजी मील कार्यक्रम के लिए महत्त्वपूर्ण इसलिए रहीं - क्योंकि वहाँ उन्होंने रोटेरियंस को कार्यक्रम के लिए डोनेशन देने के लिए तो प्रेरित किया ही, जिसके चलते अच्छी-खासी रकम कार्यक्रम को मिली; साथ ही एक समर्पित कार्यकर्ता के रूप में कार्यक्रम से जुड़ने के लिए भी रोटेरियंस को उत्साहित और प्रेरित किया । इसी संदर्भ में, अगले रोटरी वर्ष में डिस्ट्रिक्ट गवर्नर होने जा रहे किरनलाल श्रेष्ठा की पत्नी गीता श्रेष्ठा का डिस्ट्रिक्ट की फर्स्ट लेडी के रूप में डब्ल्यूजी मील के लिए काम करने को अपनी पहली प्राथमिकता में शामिल करने की घोषणा करने का खास महत्त्व है - और गीता श्रेष्ठा की यह घोषणा आभा झा चौधरी की एक बड़ी उपलब्धि है । मजे की बात यह रही कि बुटवाल में आयोजित हुई डिस्ट्रिक्ट कॉन्फ्रेंस में आभा झा चौधरी की सक्रियता तथा उनकी भूमिका को मिलने वाली प्रशंसा को देख कर तथा उससे उत्साहित व प्रेरित होकर बुटवाल के मिथिला समाज संगठन ने आभा झा चौधरी के सम्मान का कार्यक्रम आयोजित कर लिया ।  
इससे भी बड़ी बात यह हुई कि नेपाल के डिस्ट्रिक्ट की डिस्ट्रिक्ट कॉन्फ्रेंस में पूर्व इंटरनेशनल डायरेक्टर मनोज देसाई की मौजूदगी में आभा झा चौधरी की सक्रियता व उपलब्धियों को मिली प्रशंसा की ख्याति तमिलनाडु के विझुपुरम में मल्टी-डिस्ट्रिक्ट्स के पब्लिक इमेज सेमीनार के आयोजकों तक पहुँची, तो उन्होंने आभा झा चौधरी को अपने सेमीनार में मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित कर लिया । डिस्ट्रिक्ट 2980, 2981, 3000 व 3231 द्वारा मिल कर किए गए उक्त सेमीनार में डब्ल्यूजी मील के प्रतिनिधि के रूप में आभा झा चौधरी की उपस्थिति तथा उनके द्वारा निभाई गई उनकी भूमिका ने डब्ल्यूजी मील कार्यक्रम की पहचान को व्यापक बनाने तथा विस्तार देने का काम किया ।इससे पहले रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3170 के एक महत्त्वपूर्ण कार्यक्रम में तथा रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3250 के रोटरी क्लब मिथिला के एक बड़े स्थानीय आयोजन में आभा झा चौधरी को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जा चुका है । आभा झा चौधरी की जो सक्रियता व उपलब्धियाँ रहीं हैं, वह तो उल्लेखनीय हैं ही; रोटरी के विभिन्न डिस्ट्रिक्ट्स में उन्हें आमंत्रित किए जाने और सम्मान दिए जाने का भी अपना एक अलग महत्व है । उल्लेखनीय है कि गवर्नर्स के अलावा किसी रोटेरियन को - किसी पूर्व क्लब प्रेसीडेंट को रोटरी जगत में और दूसरे डिस्ट्रिक्ट्स में ऐसी पहचान व सम्मान मिला हो, जैसा सम्मान आभा झा चौधरी को मिला है - ऐसा देखने/सुनने में नहीं आया है । रोटरी के बाहर भी विभिन्न सामाजिक संस्थाओं में आभा झा चौधरी ने अपनी सक्रियता से न सिर्फ अपनी पहचान बनाई है, बल्कि विभिन्न रूपों में सम्मानित भी हुई हैं । कुछ ही समय पहले एक भव्य कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह व अन्य प्रमुख लोगों के हाथों वह सम्मानित हुई हैं, जिससे उनकी सामाजिक पहचान का दायरा न सिर्फ बढ़ा हुआ दिखा है - बल्कि उसमें प्रतिष्ठित होने का सुबूत भी लोगों को देखने को मिला है ।