Saturday, April 25, 2015

लायंस क्लब्स इंटरनेशनल मल्टीपल डिस्ट्रिक्ट 321 में लायनिज्म से जुड़े अपने बिजनेस को बचाने तथा खर्चों के मामले में राजीव मित्तल द्वारा दिखाई गई 'होशियारी' का बदला लेने के लिए तेजपाल सिंह खिल्लन ने मल्टीपल काउंसिल चेयरमैन पद के लिए राजीव मित्तल की कोशिशों को तगड़ा झटका दिया

    
नई दिल्ली । डिस्ट्रिक्ट 321 ए वन के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर राजीव मित्तल को अपने ही 'लायन-फादर' तेजपाल सिंह खिल्लन के साथ होशियारी दिखाना भारी पड़ गया है; और इसके चलते मल्टीपल काउंसिल चेयरमैन बनने का उनका सपना टूटता सा दिखने लगा है । मल्टीपल काउंसिल चेयरमैन पद के लिए प्रस्तुत की जाने वाली राजीव मित्तल की उम्मीदवारी में उनके अपने फर्स्ट वाइस डिस्ट्रिक्ट गवर्नर जेसी वर्मा ने प्रस्तावक बनने से इंकार करके राजीव मित्तल को तगड़ा झटका दिया है । यह तगड़ा झटका जेसी वर्मा के उस उद्घाटन से और तगड़ा हो गया है, जिसमें उन्होंने बताया है कि प्रस्तावक के रूप में उनके हस्ताक्षर तेजपाल सिंह खिल्लन ने एक ब्लैंक फार्म पर उनसे करवा लिए हैं । तेजपाल सिंह खिल्लन ने यह 'काम' चूँकि राजीव मित्तल को अँधेरे में रख कर किया है, इसलिए जाहिर यही है कि तेजपाल सिंह खिल्लन ने जेसी वर्मा को किसी और के लिए प्रस्तावक बनाने का विचार किया हुआ हो; और या प्रस्तावक के रूप में जेसी वर्मा की भूमिका को ही खत्म कर देने का हथकंडा अपनाया हो । दोनों में से चाहे कोई सी भी बात सच हो, राजीव मित्तल के लिए तो प्रस्तावक जुटाने की समस्या पैदा हो गई है । राजीव मित्तल के लिए अपने ही डिस्ट्रिक्ट में प्रस्तावक मिलने का रास्ता बंद हुआ, तो उन्होंने दूसरे डिस्ट्रिक्ट के अपने समर्थकों से प्रस्तावक बनने का जुगाड़ बैठाना शुरू किया । किंतु अभी तक कोई उनका प्रस्तावक बनने को राजी नहीं हुआ है । उनके जो समर्थक हैं, उनका उनसे साफ कहना है कि मल्टीपल काउंसिल चेयरमैन पद के चुनाव में वह उनका समर्थन तो करेंगे, लेकिन उनकी उम्मीदवारी के प्रस्तावक नहीं बनेंगे । 
प्रस्तावक न मिलने के कारण स्वाभाविक रूप से मल्टीपल काउंसिल चेयरमैन पद के लिए राजीव मित्तल का दावा कमजोर पड़ता दिख रहा है । राजीव मित्तल ने हालाँकि अपने समर्थकों व शुभचिंतकों को आश्वस्त किया है कि तेजपाल सिंह खिल्लन अभी भले ही उनसे नाराज हों; लेकिन उन्हें तेजपाल सिंह खिल्लन की 'कमजोरियों' का पता है और उन्हें मालूम है कि तेजपाल सिंह खिल्लन को कैसे मनाया जा सकता है - इसलिए वह जल्दी ही उन्हें मना लेंगे, और जेसी वर्मा द्वारा हस्ताक्षरित फार्म पर उनका नाम चढ़ जायेगा । अपने समर्थकों व शुभचिंतकों को दिया जा रहा राजीव मित्तल का यह आश्वासन कब पूरा होगा; पूरा होगा भी या नहीं - यह तो आगे पता चलेगा; लेकिन अभी सभी को यह सवाल जरूर हैरान कर रहा है कि तेजपाल सिंह खिल्लन आखिरकार राजीव मित्तल से नाराज क्यों हो गए हैं ? 
इस बारे में डिस्ट्रिक्ट व मल्टीपल के लोगों के बीच कई तरह की बातें चर्चा में हैं । कुछेक लोगों का कहना है कि राजीव मित्तल ने अवार्ड देने में तथा खर्चे करने में मनमानियाँ की हैं और कई मौकों पर उन्होंने तेजपाल सिंह खिल्लन की भी नहीं सुनी/मानी है, इसलिए तेजपाल सिंह खिल्लन उनसे बुरी तरह नाराज हो गए हैं । डिस्ट्रिक्ट कॉन्फ्रेंस में सेकेंड वाइस डिस्ट्रिक्ट गवर्नर पद के उम्मीदवार बीएम शर्मा से अनाप-शनाप खर्चे करवाने के मामले में राजीव मित्तल पहले से ही कुछेक लोगों के निशाने पर हैं । चर्चा है कि तेजपाल सिंह खिल्लन कुछेक खर्चे राजीव मित्तल से करवाना चाहते थे, राजीव मित्तल ने होशियारी दिखाते हुए वह खर्चे बीएम शर्मा के सिर मढ़ दिए । राजीव मित्तल की इसी होशियारी को देखकर तेजपाल सिंह खिल्लन उनसे नाराज हो गए हैं । तेजपाल सिंह खिल्लन इस बात पर भी ख़फ़ा हैं कि मल्टीपल काउंसिल चेयरमैन पद की उम्मीदवारी से जुड़े खर्चों को लेकर राजीव मित्तल बातें तो बड़ी ऊँची-ऊँची करते रहे हैं, लेकिन जब सचमुच खर्चा करने को कहे तो वह दाएँ-बाएँ देखने लगते हैं । इसीलिए तेजपाल सिंह खिल्लन ने उनकी उम्मीदवारी से हाथ खींच लिए हैं । 
मल्टीपल के नेताओं को यह भी लगता है कि तेजपाल सिंह खिल्लन मल्टीपल की राजनीति में नरेश अग्रवाल की गुडबुक में रहना चाहते हैं, और इसके लिए वही कुछ करना चाहते हैं जो नरेश अग्रवाल को पसंद हो । पिछले वर्षों में अपनी अलग राजनीति करने के चक्कर में नरेश अग्रवाल से हुए झंझट के कारण तेजपाल सिंह खिल्लन को लायनिज्म से होने वाले अपने बिजनेस में काफी नुकसान उठाना पड़ा था । उन्हें डर है कि इंटरनेशनल प्रेसीडेंट के रूप में नरेश अग्रवाल कहीं लायनिज्म से जुड़े उनके बिजनेस को पूरी तरह ही न ले डूबें; इसलिए तेजपाल सिंह खिल्लन ने नरेश अग्रवाल के सामने पूरी तरह से समर्पण करने की तैयारी की हुई है । मल्टीपल काउंसिल की चुनावी राजनीति में नरेश अग्रवाल की 'इच्छा' को पूरा करना तेजपाल सिंह खिल्लन के समर्पणकारी रवैये का एक उदाहरण भर है । मल्टीपल काउंसिल चेयरमैन पद के चुनाव में नरेश अग्रवाल ने चूँकि अभी तक अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है, इसलिए तेजपाल सिंह खिल्लन ने भी राजीव मित्तल की उम्मीदवारी से हाथ खींच लिया हुआ है ।
तेजपाल सिंह खिल्लन ने मल्टीपल काउंसिल चेयरमैन पद के चुनाव के संदर्भ में राजीव मित्तल की संभावनाओं को जो झटका दिया है, उसने चेयरमैन पद की चुनावी राजनीति को दिलचस्प तो बना ही दिया है ।